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Gehu ki Buwai ka Sahi Time: किसान भाइयों, गेहूं की खेती भारत की रीढ़ है। लेकिन बहुत से किसान हर साल मेहनत, खाद और सिंचाई के बावजूद बंपर पैदावार से चूक जाते हैं। कारण सिर्फ एक — बुवाई का गलत समय। यह लेख आपको बताएगा कि गेहूं की बुवाई का सही समय कौन-सा है, समय पर बुवाई का विज्ञान क्या कहता है, “गोल्डन विंडो” क्या होती है, और क्यों अगेती या पछेती बुवाई से आपकी पैदावार 25 से 30% तक घट सकती है।
क्यों जरूरी है गेहूं की बुवाई का सही समय समझना?
किसान भाइयों, बुवाई का समय सिर्फ तारीख नहीं, यह विज्ञान है। गेहूं के हर विकास चरण को एक खास तापमान चाहिए। अगर आप जल्दी बुवाई करते हैं तो मिट्टी ज्यादा गर्म होती है और बीज का जमाव कमजोर होता है। वहीं अगर देर से बुवाई करते हैं तो ठंड मिट्टी को सुला देती है, जिससे अंकुरण देर से होता है और कल्ले फूटने की प्रक्रिया प्रभावित होती है। नतीजा — पौधे कमजोर और पैदावार कम।

अंकुरण, कल्ले फूटना और टर्मिनल हीट का विज्ञान
गेहूं के अंकुरण के लिए 20 से 25°C तापमान आदर्श है। बहुत जल्दी बुवाई करने पर गर्मी बीज को कमजोर बना देती है, जबकि बहुत देर से बुवाई पर ठंड बीज को निष्क्रिय कर देती है।
कल्ले फूटने के लिए पौधे को दिसंबर और जनवरी की ठंडक चाहिए। यही ठंड ठोस पौधे और ज्यादा बालियां देती है।
अगर आपने बुवाई देर से की, तो जब दाना भरने का समय आएगा, तापमान 30°C से ऊपर पहुंच जाएगा। यही गर्म हवा “टर्मिनल हीट” कहलाती है — जो दाने को सिकोड़ देती है और आपकी मेहनत का 30% हिस्सा मिटा देती है।
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जानिए गेहूं की बुवाई की तीन मुख्य श्रेणियां
1. अगेती बुवाई (20 अक्टूबर से 31 अक्टूबर)
यह समय उन किसानों के लिए है जो लंबी अवधि वाली किस्में बोते हैं या जिनके खेत जल्दी खाली हो जाते हैं।
फायदा — फसल जल्दी पकती है।
नुकसान — मिट्टी ज्यादा गर्म, दीमक और तना छेदक का खतरा, कम कल्ले।
सुझाव — बीज की मात्रा 10% बढ़ाएं और बीज उपचार जरूर करें।
2. समय पर बुवाई या “गोल्डन विंडो” (1 नवंबर से 20 नवंबर)
यही वह अवधि है जो हर किसान को लक्षित करनी चाहिए।
इस समय मिट्टी का तापमान 20–22°C रहता है जो अंकुरण के लिए सर्वश्रेष्ठ है। पौधों को दिसंबर-जनवरी की ठंड पूरी मिलती है और फसल मार्च में दाना भर लेती है।
परिणाम — मजबूत पौधे, ज्यादा कल्ले, लंबी बालियां और वजनदार दाने।
याद रखिए: आपकी 90% बुवाई इसी समय में पूरी हो जानी चाहिए।
3. पछेती बुवाई (25 नवंबर से 25 दिसंबर)
कई किसान मजबूरी में देरी करते हैं — जैसे धान या गन्ना देर से कटना।
नतीजा — ठंडी मिट्टी से जमाव धीमा, कल्ले कम और टर्मिनल हीट का सीधा प्रभाव।
पैदावार 20–40% घट जाती है और रोगों का खतरा बढ़ जाता है।
सही किस्म और बीज की मात्रा से ही मिलेगा बेहतर परिणाम
अगर आप अगेती बुवाई कर रहे हैं, तो लंबी अवधि वाली किस्में चुनें।
समय पर बुवाई के लिए मध्यम अवधि वाली किस्में सबसे बढ़िया हैं।
पछेती बुवाई में कम अवधि वाली किस्में ही लगाएं ताकि फसल जल्दी पक सके।
बीज की मात्रा समय पर बुवाई में 40 किलो प्रति एकड़ और पछेती में 50–55 किलो प्रति एकड़ रखनी चाहिए। यह इसलिए जरूरी है क्योंकि पछेती बुवाई में कल्ले कम बनते हैं, इसलिए पौधों की संख्या बढ़ाना जरूरी है।
खाद और सिंचाई का सही प्रबंधन
अगेती फसल के लिए बुवाई से पहले एक सिंचाई जरूर करें। पछेती फसल में पहली सिंचाई हल्की रखें और 20 दिन के अंदर कर दें ताकि पौधा तेजी से बढ़ सके। साथ ही पछेती फसल में 10% अधिक नाइट्रोजन देने की सलाह दी जाती है ताकि शुरुआती विकास बेहतर हो।
पांच बड़ी गलतियां जो हर साल किसान दोहराते हैं
- पड़ोसी को देखकर बुवाई करना
- पछेती बुवाई में लंबी अवधि की किस्म लगाना
- पछेती बुवाई में भी बीज की मात्रा 40 किलो ही रखना
- जीरो ड्रिल से गलत गहराई पर बुवाई करना
- बिना बीज उपचार के बुवाई करना
निष्कर्ष: यही है बंपर फसल का संजीवनी मंत्र
किसान भाइयों, अगर आप सिर्फ एक चीज़ याद रखें तो वो यह है —
“सही समय + सही किस्म + सही बीज दर = बंपर पैदावार।”
1 नवंबर से 20 नवंबर तक की “गोल्डन विंडो” आपकी खेती को राजा बना सकती है। इस समय पर बुवाई कीजिए, और टर्मिनल हीट के नुकसान से अपनी मेहनत को बचाइए।
FAQs
प्रश्न 1: गेहूं की बुवाई का सबसे सही समय कौन-सा है?
उत्तर: 1 नवंबर से 20 नवंबर तक का समय गेहूं की बुवाई का सबसे उत्तम समय माना जाता है।
प्रश्न 2: पछेती बुवाई में पैदावार क्यों घट जाती है?
उत्तर: पछेती बुवाई में पौधे को ठंड का समय कम मिलता है, जिससे कल्ले कम फूटते हैं और टर्मिनल हीट का असर दाने पर पड़ता है।
प्रश्न 3: पछेती बुवाई में कितनी बीज मात्रा रखनी चाहिए?
उत्तर: पछेती बुवाई में बीज की मात्रा 50 से 55 किलो प्रति एकड़ रखनी चाहिए।
प्रश्न 4: बुवाई से पहले बीज उपचार क्यों जरूरी है?
उत्तर: बीज उपचार से दीमक और फफूंद जनित रोगों से फसल की सुरक्षा होती है और अंकुरण दर बढ़ती है।
प्रश्न 5: क्या अगेती बुवाई करना नुकसानदायक है?
उत्तर: हां, क्योंकि गर्म मिट्टी में बीज का अंकुरण कम होता है और कीटों का प्रकोप बढ़ जाता है।







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