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Turai ki Variety: तुरई की खेती भारत में सालभर की जाने वाली लाभदायक फसलों में से एक है। चाहे गर्मी का मौसम हो या बरसात का, किसान तुरई की खेती से अच्छी आमदनी कमा सकते हैं। लेकिन सही किस्म का चुनाव ही सफलता की कुंजी है। इस लेख में हम आपको बताएंगे भारत की टॉप 5 हाइब्रिड तुरई की वैरायटी, जो किसी भी राज्य और मौसम में लगाई जा सकती हैं।
यह लेख आपको बताएगा इन किस्मों की पैदावार, फल का आकार, लंबाई, वजन, मैच्योरिटी पीरियड, कीमत और इनके फायदे ताकि आप अगली बार तुरई की खेती करते समय सही बीज का चुनाव कर सकें।
1. ईस्ट वेस्ट न्यू एलवाई 730
ईस्ट वेस्ट कंपनी की न्यू एलवाई 730 F1 हाइब्रिड वैरायटी किसानों के बीच बेहद लोकप्रिय है। इसकी खासियत यह है कि यह केवल 45 से 50 दिनों में तैयार हो जाती है, यानी फसल का चक्र छोटा और उत्पादन ज्यादा होता है।

इस वैरायटी के फल 40 से 45 सेंटीमीटर लंबे, 200 से 220 ग्राम वजन के और गहरे हरे, चमकदार व धारीदार होते हैं। इसकी मुलायम बनावट और आकर्षक रंग इसे बाजार में प्रीमियम वैल्यू दिलाते हैं।
इसकी कीमत लगभग ₹800 प्रति 50 ग्राम बीज है। किसान भाइयों के लिए यह किस्म तेज़ तुड़ाई और बार-बार फसल देने के कारण बेहद फायदेमंद मानी जाती है।
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2. ईस्ट वेस्ट NA-1
ईस्ट वेस्ट की ही दूसरी मशहूर वैरायटी है NA-1, जो अपनी पतली और लंबी बनावट के कारण सब्ज़ी बाजार में जल्दी बिकती है। इस किस्म का फल हल्का, चमकीला और एकसमान आकार का होता है।
यह भी लगभग 45 से 50 दिनों में तैयार हो जाती है, और वजन लगभग 200 ग्राम प्रति फल होता है। इसकी कीमत करीब ₹840 प्रति 50 ग्राम बीज है। यह किस्म गर्मी और बरसात दोनों मौसमों में समान रूप से सफल रहती है और छोटे किसानों के लिए भी बेहतरीन विकल्प है।
3. नामधारी A-471
नामधारी सीड्स की A-471 वैरायटी उन किसानों के लिए है जो गुणवत्ता और नियमित फलन चाहते हैं। यह किस्म केवल 38 से 40 दिनों में पहली तुड़ाई के लिए तैयार हो जाती है।
इसके फल 25 से 30 सेंटीमीटर लंबे और 150 से 200 ग्राम वजन के होते हैं।
नामधारी A-471 की कीमत लगभग ₹970 प्रति 50 ग्राम बीज है।
यह वैरायटी बाजार में अपने समान साइज और रंग के कारण जल्दी बिकती है। साथ ही इसकी पौधें मजबूत होते हैं और अधिक फलन क्षमता रखते हैं, जिससे किसानों को लगातार फसल मिलती रहती है।
4. VNR आरती F1
VNR आरती F1 वैरायटी आज देशभर में लोकप्रिय हो चुकी है। इसे किसान जून-जुलाई और जनवरी-फरवरी दोनों मौसमों में लगा सकते हैं।
इसकी पहली तुड़ाई 50 से 55 दिनों में हो जाती है, और फल 25 से 30 सेंटीमीटर लंबे तथा 200 से 225 ग्राम वजन के होते हैं।
इस किस्म की खासियत इसका चमकदार रंग और पतली लंबी बनावट है। फलों की मुलायमता और आकर्षक आकार के कारण यह मंडियों में प्रीमियम रेट पर बिकती है। इसकी कीमत लगभग ₹700 प्रति 50 ग्राम बीज है।
5. ननहम्स यूएस 6001
ननहम्स यूएस 6001 F1 हाइब्रिड वैरायटी उन किसानों के लिए आदर्श है जो जल्दी और ज्यादा उपज चाहते हैं।
इस किस्म में फल क्लस्टर में लगते हैं, यानी एक ही बेल से कई तुरई एक साथ निकलती हैं।
पहली तुड़ाई 48 से 52 दिनों में होती है और फल की लंबाई 45 से 50 सेंटीमीटर तक होती है।
इसके फल चमकदार, गहरे हरे और मुलायम होते हैं।
250 बीजों का पैक ₹860 के आसपास उपलब्ध है। यह किस्म गर्मी और बरसात दोनों सीजन में लगाई जा सकती है और फलन क्षमता के मामले में यह टॉप हाइब्रिड्स में गिनी जाती है।
एडवांटा गोल्डन अनीता F1 —
एडवांटा गोल्डन सीड्स की अनीता F1 वैरायटी एक सुपीरियर क्वालिटी हाइब्रिड है जो अपने आकर्षक हरे रंग और बड़े आकार के कारण मशहूर है। यह वैरायटी 50 से 55 दिनों में तुड़ाई के लिए तैयार हो जाती है। इसके फल 35 से 40 सेंटीमीटर लंबे और 200 से 230 ग्राम वजन के होते हैं।
इसकी कीमत लगभग ₹5000 प्रति 50 ग्राम बीज है। यह किस्म विशेष रूप से कम बीज दर और अधिक उपज क्षमता के कारण हाई डिमांड में रहती है।
निष्कर्ष
तुरई की ये टॉप 5 हाइब्रिड वैरायटी — ईस्ट वेस्ट न्यू एलवाई 730, ईस्ट वेस्ट NA-1, नामधारी A-471, VNR आरती F1, ननहम्स यूएस 6001 और एडवांटा अनीता F1 — आज हर मौसम और हर राज्य में अपनी बेहतरीन उपज के लिए जानी जाती हैं। अगर किसान सही समय पर बुवाई करें, जैविक खाद और सिंचाई का ध्यान रखें, तो इन किस्मों से 15 से 20 टन प्रति एकड़ तक उत्पादन आसानी से प्राप्त किया जा सकता है।
FAQs
प्रश्न 1. क्या ये हाइब्रिड तुरई की किस्में हर राज्य में लगाई जा सकती हैं?
जी हां, ये सभी किस्में भारत के लगभग हर राज्य में गर्मी और बरसात दोनों मौसमों में सफल रहती हैं।
प्रश्न 2. तुरई की बुवाई का सबसे अच्छा समय कौन सा है?
फरवरी से जुलाई और सितंबर से नवंबर तुरई की बुवाई के लिए सबसे उपयुक्त समय है।
प्रश्न 3. कौन सी तुरई की किस्म सबसे जल्दी तैयार होती है?
ईस्ट वेस्ट की न्यू एलवाई 730 और नामधारी A-471 सिर्फ 40-45 दिनों में पहली तुड़ाई के लिए तैयार हो जाती हैं।
प्रश्न 4. क्या तुरई की खेती में अधिक सिंचाई की जरूरत पड़ती है?
नहीं, तुरई की फसल को मध्यम सिंचाई की आवश्यकता होती है। समय पर सिंचाई और जल निकासी व्यवस्था से उपज बढ़ती है।
प्रश्न 5. कौन सी किस्म बाजार में सबसे ज्यादा दाम दिलाती है?
एडवांटा अनीता F1 और VNR आरती F1 अपनी क्वालिटी और चमकदार रंग के कारण बाजार में सबसे प्रीमियम रेट पर बिकती हैं।







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