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High Yield Chickpea Varieties: किसान भाइयों, अगर आपकी चने की फसल हर साल औसत उपज पर ही रुक जाती है, तो इसका कारण आपकी मेहनत नहीं बल्कि बीज का चयन हो सकता है। इस लेख में हम आपको बताएंगे चना की टॉप 3 बेस्ट वैरायटी के बारे में पूसा मानव, दफ्तरी 21 और आरबीजी 202, जो सही पोषक तत्वों और आधुनिक प्रबंधन के साथ 14 से 18 क्विंटल प्रति एकड़ तक की पैदावार देने में सक्षम हैं। यह लेख आपको बताएगा कि कब बुवाई करें, कौन सी खादें डालें और इन वैरायटियों से अधिकतम उत्पादन कैसे प्राप्त करें।
चना की खेती का सही समय और बेसल डोज
चना की खेती में सफलता की पहली शर्त है सही समय पर बुवाई और पौधों को शुरू से पोषक तत्व देना। अक्टूबर के आखिरी सप्ताह से लेकर नवंबर के पहले सप्ताह तक बुवाई का समय सबसे उपयुक्त माना जाता है।
किसान भाइयों को सलाह दी जाती है कि एक एकड़ भूमि के लिए 50 किलो डीएपी, 30 किलो पोटाश, 6 से 8 किलो सल्फर (बेंटोनाइट), और 20 किलो यूरिया बुवाई के समय ही डालें। इसके साथ 3 किलो रीजेंट अल्ट्रा व 500 ग्राम थायोफेट मिथाइल जड़ों की बीमारियों से सुरक्षा के लिए प्रयोग करें। इन पोषक तत्वों के संतुलन से फसल की जड़ों की ग्रोथ बेहतर होती है, और पैदावार में 4 क्विंटल तक की वृद्धि देखी जा सकती है।
High Yield Chickpea Varieties
1. पूसा मानव – मध्य भारत की गर्वित वैरायटी
पूसा मानव को भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान ने 2021 में विकसित किया था। यह किस्म विशेष रूप से मध्य भारत के लिए अनुशंसित है, लेकिन यूपी, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, गुजरात और छत्तीसगढ़ में भी इसकी सफलता देखी गई है।
यह किस्म सिर्फ 105 दिनों में पक जाती है, जिससे इसे जल्दी तैयार होने वाली वैरायटी माना जाता है। 100 दानों का वजन लगभग 20 ग्राम होता है और सही देखभाल करने पर 14 से 16 क्विंटल प्रति एकड़ तक की पैदावार देती है। अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में बुवाई करने पर यह किस्म शानदार परिणाम देती है और केवल दो सिंचाईयों में उत्कृष्ट उत्पादन देती है।
2. दफ्तरी 21 –
दफ्तरी 21 उन किसानों के लिए वरदान है जो स्थिर और भरोसेमंद पैदावार चाहते हैं। इस किस्म को भी अक्टूबर के आखिरी सप्ताह में बोना सबसे उपयुक्त रहता है। बुवाई के लिए प्रति एकड़ 30 से 35 किलो बीज पर्याप्त होता है।
यह किस्म भी मात्र 105 दिनों में तैयार हो जाती है और इसकी शाखाएं (फुटाव) बहुत मजबूत निकलती हैं। सही प्रबंधन करने पर यह 15 से 16 क्विंटल प्रति एकड़ तक की पैदावार देने की क्षमता रखती है। दफ्तरी 21 में दो सिंचाई पर्याप्त होती है और यह रोगों के प्रति सहनशील किस्म मानी जाती है।
3. आरबीजी 202
अगर किसी कारण से आपकी बुवाई देर से हो रही है, तो आरबीजी 202 आपके लिए सबसे उपयुक्त वैरायटी है। इस किस्म को 15 नवंबर से 5 दिसंबर तक बोया जा सकता है और यह मात्र 102 दिनों में तैयार हो जाती है।
इसमें सूखे और वेल्ट रोग के प्रति बेहतरीन सहनशीलता पाई जाती है, जिससे यह लेट बुवाई के बावजूद भी 15-16 क्विंटल प्रति एकड़ तक की उपज देने में सक्षम है। यह किस्म 2015 में विकसित की गई थी और अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन के कारण किसानों की पहली पसंद बन चुकी है।
वैज्ञानिक खेती और मैनेजमेंट से बढ़ेगी पैदावार
उन्नत किस्में तभी पूरी क्षमता से उपज देती हैं जब उन्हें सही प्रबंधन मिले। बुवाई करते समय बीज उपचार करना न भूलें। राइजोबियम कल्चर और ट्राइकोडर्मा का उपयोग जड़ों को रोगों से बचाता है और नाइट्रोजन की प्राकृतिक पूर्ति में मदद करता है। पौधों के बीच 4–5 सेंटीमीटर और कतारों के बीच 30 सेंटीमीटर की दूरी रखें। इससे पौधों को पर्याप्त स्थान और पोषक तत्व मिलते हैं, फलन बेहतर होता है और बीमारियों का खतरा कम रहता है।
निष्कर्ष
किसान भाइयों, याद रखिए — बीज ही फसल की नींव है। अगर नींव मजबूत होगी, तो मेहनत सोने में सुहागा बन जाएगी। पूसा मानव, दफ्तरी 21, और आरबीजी 202 जैसी उन्नत वैरायटियों के साथ यदि आप वैज्ञानिक प्रबंधन अपनाते हैं, तो आपकी फसल 14 से 18 क्विंटल प्रति एकड़ तक की उपज दे सकती है। तो अब समय है अपनी पुरानी परंपरागत खेती में थोड़ा नवाचार जोड़ने का और आधुनिक चना वैरायटियों से अपनी आमदनी बढ़ाने का।
FAQs
प्रश्न 1. चने की बुवाई का सबसे सही समय कौन-सा है?
उत्तर: अक्टूबर के आखिरी सप्ताह से लेकर नवंबर के पहले सप्ताह तक का समय सबसे उपयुक्त होता है।
प्रश्न 2. चने की कौन सी वैरायटी सबसे ज्यादा पैदावार देती है?
उत्तर: एनआरसीएचबी 506, पूसा मानव और आरबीजी 202 उच्च पैदावार देने वाली प्रमुख वैरायटियाँ हैं।
प्रश्न 3. चने की फसल में कितनी सिंचाई करनी चाहिए?
उत्तर: सामान्य परिस्थितियों में दो सिंचाई पर्याप्त होती हैं — एक फूल आने से पहले और दूसरी फलियों के विकास के समय।
प्रश्न 4. क्या चने की खेती कम पानी में की जा सकती है?
उत्तर: हां, चना एक सूखा सहन करने वाली फसल है। हल्की सिंचाई में भी यह अच्छा उत्पादन देती है।
प्रश्न 5. चने की फसल में सबसे जरूरी खाद कौन-सी है?
उत्तर: डीएपी, पोटाश और सल्फर का संतुलित उपयोग फसल की जड़ और फलन विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है।







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